जवान रहना है तो दूध में मिला कर पिएँ! गोंद कतीरा! गोंद कतीरा के फ़ायदे!

शर्बत में मिला कर पिएँ या दूध में – गोंद कतीरा!

सालों तक जवान बने रहें और निरोग रहें!

जड़ी बूटियों का संसार आयुर्वेद औषधियों व पोषक तत्वों का भंडार है। आयुर्वेद के उपाय न केवल तन को स्वस्थ रखते हैं बल्कि मन को भी हरा भरा रखते हैं। 

आज हम बात कर रहे हैं गोंद कतीरा की।

गोंद कतीरा पेड़ से निकलने वाला पीले रंग का गोंद जैसा पदार्थ होता है

जो सूखने पर छोटे छोटे ढेले का रूप ले लेता है। यह छूने में चिपचिपा, गंधहीन व स्वादहीन होता है। इसकी तासीर ठंडी होती है इसलिए इसका उपयोग गर्मियों में लाभकारी माना जाता है।  है। आयुर्वेद के अनुसार सर्दियों में इसका सेवन उचित नहीं माना जाता है।

गोंद कतीरा और गोंद में क्या फ़र्क़ है

गोंद कतीरा कैसे लाभदायक है:

गोंद कतीरा आवश्यकता से अधिक पतले खून को गाढ़ा करता है तथा हृदय रोगों को दूर करने के लिए फ़ायदेमंद होता है। आइए जानते हैं कि इसके नियमित सेवन से क्या क्या लाभ होते हैं:

महिलाओं में अधिक रक्त स्त्राव को कम करता है और मासिक स्त्राव की गड़बड़ी व प्रसव के बाद आने वाली कमजोरी को दुरुस्त करता है।

साँस के रोग को दूर करता है। खांसी व कफ को ठीक करता है।

स्त्रियों में स्तनवृद्धि में सहायक माना जाता है।

त्वचा रोगों को ठीक करता है।  

गर्मी व लू से बचाता है।

मुँह के छाले व अल्सर ठीक करता है।

पेशाब की जलन, हाथों-पैरों की जलन,

सिर की गर्मी, प्यास अधिक लगना आदि कई रोगों में गोंद कतीरा लाभदायक होता है।

पुरुषों में मर्दानी ताक़त को बढ़ाता है व शीघ्र पतन की समस्या को दूर करता है। 

आदि तथा और भी बहुत सी बीमारियों में लाभकारी होता है।

वैसे तो गर्मियों में इस्तेमाल करने पर इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है परंतु आप इसका सेवन किसी अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में ही करें!

लेकिन पहले

जान लेना उचित है।

गोंद कतीरा का यह अफ़िलीएटेड लिंक है। अगर आप यहाँ से ख़रीदेंगे तो आपको किसी नुक़सान बग़ैर हमें कमीशन मिलेगी। धन्यवाद!

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