ज़िंदगी

ज़िंदगी एक ख़ूबसूरत अहसास है
कभी ख़ुशनुमा तो कभी उदास है;
अनसुलझी गाँठों से उलझी कभी
कभी अंधेरों से निकला उजास है।

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