बेहतर कौन?

imageबेहतर कौन!

दिन नया टूर
हर दिन नया मज़ा,
न कोई चिंता पैसे की
न कम नंबरों पर सज़ा।

मज़े ही मज़े हैं यहाँ
कोई नहीं परेशानी,
तुम मानव हो तो क्या
पर हो तो अभिमानी!

हैं जानवर फिर भी भरा
नैतिकता और आनंद,
करते न कभी किसी को
छोटे से पिंजरे में बंद।

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